पैसा और टैक्स · भाग 9 · पेंशन · 8 मिनट · नवंबर 2026
30 नवंबर हर पेंशनर की आख़िरी तारीख़ नहीं है। देखिए आपकी तारीख़ कौन-सी है
इस महीने ज़्यादातर मैसेज में यही लिखा है: 30 नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र जमा करें, वरना पेंशन रुक जाएगी। केंद्र सरकार के पेंशनरों के लिए यह बात सही है। पर EPS-95 पेंशनर के लिए यह महीनों ग़लत हो सकती है। आपकी तारीख़ इस पर निर्भर है कि आपकी पेंशन कौन देता है, और आप कौन-सा तरीक़ा अपना सकते हैं, यह भी।
- केंद्र सरकार के पेंशनर: 80 साल से कम उम्र हो तो 1 से 30 नवंबर 2026 तक। 80 साल या उससे ज़्यादा हो तो 1 अक्टूबर से।
- EPS-95 पेंशनर: नवंबर की कोई तय तारीख़ नहीं। आपका प्रमाण पत्र पिछली बार जमा करने की तारीख़ से 12 महीने तक चलता है, इसलिए उससे पहले नया जमा करें।
- यह काम घर बैठे हो सकता है। जीवन प्रमाण ऐप चेहरा स्कैन करके प्रमाण पत्र आपके पेंशन दफ़्तर को भेज देता है। न फ़िंगरप्रिंट मशीन चाहिए, न बैंक जाना पड़ता है।
- प्रमाण ID मिलने का मतलब मंज़ूरी नहीं है। स्थिति ज़रूर देखें। एक ग़लत जानकारी से भी प्रमाण पत्र रद्द हो सकता है, और इसकी ख़बर सिर्फ़ SMS से मिलती है।
- तारीख़ निकल गई? पेंशन रुक सकती है, पर ख़त्म नहीं होती। देर से जमा कीजिए। प्रमाण पत्र दर्ज होने पर रुकी हुई रक़म मिल जाती है।
यह प्रमाण पत्र असल में क्या करता है
जीवन प्रमाण पत्र हर साल दी जाने वाली इस बात की पुष्टि है कि पेंशन लेने वाला व्यक्ति जीवित है। केंद्र सरकार के पेंशनरों को पेंशन जारी रखने के लिए हर नवंबर में इसे देना होता है। यह नियम बरसों से चला आ रहा है, और 2026 में इसमें कुछ नहीं बदला।
जीवन प्रमाण इसी का डिजिटल रूप है। यह आधार से आपकी पहचान पक्की करता है और प्रमाण पत्र सीधे उस दफ़्तर को भेज देता है जो आपको पेंशन देता है। डिजिटल प्रमाण पत्र 2014 में शुरू हुआ था, और चेहरा स्कैन करने की सुविधा 2021 में जुड़ी।
इस साल नया नियम नहीं, एक अभियान है। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग 1 से 30 नवंबर 2026 तक पाँचवाँ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान चला रहा है। इसके शिविर 2,000 ज़िलों और शहरों में लगेंगे, और 19 बैंक तथा 785 ज़िला डाकघर इसमें शामिल हैं। मदद चाहिए तो इस महीने सबसे आसानी से मिलेगी।
आपकी तारीख़ कौन-सी है
| आपकी पेंशन | कब जमा करें | ध्यान रखें |
|---|---|---|
| केंद्र सरकार, 80 साल से कम | 1 से 30 नवंबर 2026 | डिजिटल या काग़ज़, दोनों चलेंगे |
| केंद्र सरकार, 80 साल या ज़्यादा | 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 | एक महीना ज़्यादा इसलिए मिलता है ताकि नवंबर की भीड़ से बचा जा सके |
| EPS-95 (EPFO) | कभी भी, पर पिछली बार के 12 महीने पूरे होने से पहले | पिछली बार मार्च में जमा किया था तो आपकी तारीख़ अगले मार्च के आसपास है, नवंबर नहीं |
| दोबारा नौकरी करने वाले पेंशनर, और दोबारा शादी करने वाले पारिवारिक पेंशनर | जैसा आपका पेंशन दफ़्तर बताए | सिर्फ़ काग़ज़ वाला तरीक़ा। डिजिटल तरीक़ा आपके लिए नहीं है |
| राज्य सरकार, बैंक कर्मचारी, अन्य योजनाएँ | अपने पेंशन दफ़्तर से पूछें | हर संस्था का अपना नियम होता है, केंद्र की तारीख़ मानकर न चलें |
ज़्यादातर उलझन दो जाँच से दूर हो जाती है। आपके पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) में लिखा होता है कि पेंशन किस संस्था ने मंज़ूर की। और आपका बैंक या पेंशन दफ़्तर बता सकता है कि पिछला प्रमाण पत्र किस तारीख़ को दर्ज हुआ था।
पहले से क्या तैयार रखें
- आधार नंबर या वर्चुअल ID। डिजिटल तरीक़े के लिए यह ज़रूरी है, इसका कोई विकल्प नहीं है।
- PPO नंबर।
- पेंशन खाता नंबर और बैंक की जानकारी।
- पेंशन मंज़ूर करने वाली संस्था और पेंशन देने वाली एजेंसी का नाम। दोनों आपके पेंशन काग़ज़ों में मिलेंगे।
- चालू मोबाइल नंबर, क्योंकि OTP और बाद का SMS इसी पर आएगा।
ये जानकारियाँ ठीक वैसे ही भरें जैसे पेंशन काग़ज़ों में लिखी हैं। सरकारी FAQ के मुताबिक़ रद्द होने की वजह ग़लत जानकारी ही होती है।
चेहरा स्कैन: एक-एक क़दम
आपको भारत में ही, कैमरे और इंटरनेट वाला फ़ोन चाहिए। Android के सरकारी मैनुअल के हिसाब से Android 9 या उससे ऊपर, कम से कम 4 GB रैम, 64 GB स्टोरेज जिसमें 500 MB ख़ाली हो, और 5 MP का कैमरा चाहिए। iPhone का ऐप भी है। बेटा, बेटी या पड़ोसी अपने फ़ोन से भी यह कर सकते हैं। फ़ोन वाला व्यक्ति सिर्फ़ "ऑपरेटर" होता है।
- दो ऐप डालें। AadhaarFaceRD और Jeevan Pramaan इंस्टॉल करें। AadhaarFaceRD का आइकन होम स्क्रीन पर नहीं दिखता, यह सामान्य बात है।
- ऑपरेटर का रजिस्ट्रेशन करें, सिर्फ़ एक बार। ऑपरेटर का आधार, मोबाइल नंबर और ईमेल डालें, फिर OTP। पहले ऑपरेटर अपना चेहरा स्कैन करता है।
- पेंशनर की जानकारी डालें। पेंशनर का आधार और मोबाइल नंबर डालें, फिर OTP।
- पेंशन की जानकारी भरें। PPO नंबर सूची में दिखे तो चुन लें। न दिखे तो पेंशन देने वाली एजेंसी और बाक़ी जानकारी के साथ ख़ुद भरें।
- प्रीव्यू जाँचें। ग़लत अंक पकड़ने का यह आख़िरी मौक़ा है। दोनों बॉक्स पर टिक करके सबमिट करें।
- पेंशनर का चेहरा स्कैन करें। चेहरा गोले के अंदर रखें, पलक झपकाएँ और स्क्रीन पर दिख रहे निर्देश मानें।
- प्रमाण ID सँभालकर रखें। यह स्क्रीन पर और SMS में डाउनलोड लिंक के साथ आती है। प्रमाण पत्र अपने-आप पेंशन देने वाली एजेंसी तक पहुँच जाता है, इसलिए बैंक कुछ ले जाने की ज़रूरत नहीं।
एक से ज़्यादा पेंशन हों तो ऐप हर PPO के बारे में पूछता है, और हर एक की अपनी प्रमाण ID बनती है।
ऐप न चल पाए तो
- बैंक शाखा। अपनी पेंशन शाखा में जाकर काग़ज़ पर या फ़िंगरप्रिंट से जमा करें। रसीद ज़रूर माँगें। RBI के पेंशन सर्कुलर के मुताबिक़ एजेंसी बैंकों को हस्ताक्षर वाली रसीद देनी होती है।
- अभियान का शिविर। नवंबर भर बैंकों और डाकघरों में शिविर लगेंगे। वहाँ स्टाफ़ चेहरा स्कैन में मदद कर सकता है।
- कॉमन सर्विस सेंटर या जीवन प्रमाण केंद्र। यहाँ फ़िंगरप्रिंट या आँख की पुतली से पहचान होती है। आधार और पेंशन की जानकारी साथ ले जाएँ।
- घर पर सेवा। इंडिया पोस्ट और कुछ बैंक घर आकर यह काम करते हैं। जो पेंशनर कहीं जा नहीं सकते, उनके लिए यह सही है। EPFO की सूचना में इसे मामूली फ़ीस बताया गया था, इसलिए बुकिंग के समय मौजूदा फ़ीस पूछ लें।
- बिना गए, काग़ज़ पर। केंद्र सरकार के पेंशनर किसी तय अधिकारी, जैसे राजपत्रित अधिकारी या पोस्टमास्टर, के हस्ताक्षर वाला फ़ॉर्म भेज सकते हैं।
जमा करने के बाद: वह जाँच जो ज़्यादातर लोग भूल जाते हैं
प्रमाण ID सिर्फ़ यह बताती है कि प्रमाण पत्र बन गया। पेंशन दफ़्तर का उसे स्वीकार करना अभी बाक़ी होता है। इसलिए कुछ दिन बाद जीवन प्रमाण पोर्टल से प्रमाण पत्र डाउनलोड करके उसकी स्थिति देख लें।
अगर रद्द हुआ तो SMS आएगा। आम वजह कोई ग़लत जानकारी होती है। पेंशन देने वाली एजेंसी से पूछें कि कौन-सी जानकारी ग़लत थी, और नई प्रमाण ID के साथ नया प्रमाण पत्र बनाएँ। यह काम महीने की शुरुआत में ही कर लें, ताकि सुधार का समय रहे।
प्रमाण ID या बैंक की रसीद अगले साल का प्रमाण पत्र जमा होने तक सँभालकर रखें। समय पर जमा करने के बाद भी पेंशन रुके, तो यही आपका सबूत है।
तारीख़ निकल जाए तो
पेंशन रुक सकती है, पर पेंशन का हक़ ख़त्म नहीं होता। सरकारी पेंशनर का प्रमाण पत्र 30 नवंबर तक दर्ज न हो तो दिसंबर से पेंशन रुक सकती है। EPS-95 पेंशनर की पेंशन 12 महीने पूरे होने के बाद वाले भुगतान से रुक सकती है। ठीक महीना आपकी पेंशन संस्था के हिसाब से अलग हो सकता है।
दोनों ही मामलों में उपाय एक है: ऊपर के किसी भी तरीक़े से जल्द से जल्द जमा करें, फिर बैंक या पेंशन दफ़्तर से पक्का कर लें कि वह दर्ज हो गया। दर्ज होने पर पेंशन फिर शुरू होती है और रुकी हुई रक़म मिल जाती है। देर से जमा करना मान्य है, इसलिए अगले नवंबर का इंतज़ार न करें।
मुश्किल तब होती है जब तीन साल या उससे ज़्यादा का अंतर हो जाए। तब केंद्र सरकार की पेंशन दोबारा शुरू कराने के लिए मामला केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (CPAO) और सक्षम अधिकारी के पास जाता है, और इसमें ज़्यादा समय लगता है। अगर कोई पेंशनर परिवार के पास चले गए हों या पुराना खाता इस्तेमाल न करते हों, तो इस बात का ध्यान रखें।
अगर आपने समय पर जमा किया और फिर भी बैंक ने पेंशन देर से डाली, तो रसीद का हवाला देकर लिखित में शिकायत करें। RBI के नियम के अनुसार एजेंसी बैंकों को देर से दी गई पेंशन या बकाया पर 8% सालाना अपने-आप देना होता है।
